छत्तीसगढ़ कांग्रेस में प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच पार्टी ने अनुशासन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ के पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेता अरुण मालाकार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
जानकारी के अनुसार, अरुण मालाकार ने अपने फेसबुक अकाउंट पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता उमेश पटेल के समर्थन में एक पोस्ट साझा की थी। पोस्ट में उन्होंने उमेश पटेल को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने की पैरवी की थी। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद प्रदेश कांग्रेस संगठन के संज्ञान में आई।
प्रदेश कांग्रेस संगठन का कहना है कि पार्टी के आंतरिक विषयों पर सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक रूप से किसी नेता के समर्थन में अभियान चलाना अनुशासन के विरुद्ध है। संगठन का मानना है कि इससे पार्टी की आंतरिक प्रक्रिया प्रभावित होती है और संगठन की छवि पर भी असर पड़ सकता है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देश पर प्रभारी महामंत्री की ओर से अरुण मालाकार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में तीन दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित समय सीमा में जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया या जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो पार्टी संविधान के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से छत्तीसगढ़ कांग्रेस में नए PCC अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर चर्चाएं तेज हैं। सोशल मीडिया पर भी अलग-अलग नेताओं के समर्थन में पोस्ट साझा किए जा रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस संगठन की यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत देती है कि पार्टी नेतृत्व अनुशासन बनाए रखने के लिए सार्वजनिक लॉबिंग को स्वीकार नहीं करेगा। आने वाले दिनों में नए PCC अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।




