जयसवाल गली और थाना चौक से सब्जी बेचने वाली महिलाओं को खदेड़ा, कब्जाधारी और रईस बने निगम के दुलारे
कोरबा। नगर निगम की कार्रवाई ने एक बार फिर सवालों के कटघरे में ला खड़ा किया है। जयसवाल गली और थाना के सामने वर्षों से सब्जी बेचकर अपने परिवार का पेट पाल रही गरीब महिलाएं आज सुबह निगम की बेरहम सख्ती की शिकार हुईं। हाथ में रसीद लिए अधिकारी सुबह से ही चौक पर तैनात रहे और जैसे ही महिलाएं सिर पर सब्जी की टोकरी लेकर पहुंचीं, उन्हें डांट-फटकार और धमकी देकर भगा दिया गया।
यह नज़ारा देख स्थानीय लोगों में गुस्सा फूट पड़ा। जनता कह रही है कि नगर निगम गरीबों पर तो शेर बनता है लेकिन अमीरों पर गूंगा हो जाता है। फुटपाथ और सड़कों पर वर्षों से कब्जा जमाए धन्ना सेठों और बड़े कारोबारियों पर कोई कार्रवाई नहीं होती। उनकी दुकानें, उनकी गाड़ियां, उनके अवैध निर्माण निगम को दिखाई ही नहीं देते।
महिलाओं की पीड़ा दिल दहला देने वाली है। एक सब्जी विक्रेता ने कहा — “हम दिनभर सब्जी बेचकर दो वक्त की रोटी जुटाते हैं, अगर हमें यहां से हटाया जाएगा तो बच्चों को क्या खिलाएंगे?” लेकिन निगम अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।
लोगों का कहना है कि निगम गरीबों को उजाड़ने में माहिर है, जबकि असली कब्जाधारियों के सामने गिड़गिड़ाता है। यही दोहरा रवैया अब जनता के बीच गुस्से का कारण बन रहा है।
जनता का सवाल सीधा है — क्या नगर निगम गरीबों का दुश्मन और अमीरों का हमदर्द बन चुका है?


