कोरबा। डीके हॉस्पिटल में नाबालिग लड़की की डिलवरी का मामला लगातार उलझता जा रहा है। नारद मुनि न्यूज़ की टीम जब तुलसी नगर स्थित उस मकान तक पहुँची, जहाँ यह लड़की फिलहाल रहती है, तो मोहल्लेवासियों ने नाम न छापने की शर्त पर कई चौंकाने वाले खुलासे किए।
स्थानीय लोगों ने बताया कि डिलीवरी वाली लड़की की असली मां कौन है, इसे लेकर रहस्य बना हुआ है। मोहल्ले में दो महिलाएँ खुद को उसकी मां बताती हैं। इनमें से एक महिला सुषमा नाम से जानी जाती है, जिसके पति का नाम अशोक है और वह गाड़ी चालक है। वहीं, दूसरी महिला भी खुद को लड़की की मां बताती है, लेकिन मोहल्लेवासियों के अनुसार वह वास्तव में उसकी मां नहीं है।
मकान मालिकिन अख्तरी बेगम के मुताबिक यह परिवार लंबे समय से यहाँ किराए पर रह रहा है। मोहल्लेवासियों ने यह भी बताया कि जिस महिला ने खुद को लड़की की मां बताया, वही खुद भी गर्भवती होने की बात अफवाह के रूप में फैला रही थी।
लोगों ने खुलासा किया कि लड़की के पति का नाम आकाश बताया जाता है, जो पेशे से गाड़ी चालक है। हालांकि, पूरे मोहल्ले में किसी को भी नाबालिग लड़की का नाम पता नहीं है। फिलहाल, इस घटना से जुड़े कई तथ्य पुलिस और प्रशासनिक जांच का विषय बने हुए हैं।
मोहल्लेवासियों ने यह भी बताया कि लड़की ने एक बच्ची को जन्म दिया है। लेकिन उसकी नाबालिग उम्र और परिवार की वास्तविक पहचान को लेकर रहस्य बरकरार है।
🔹 स्थानीय लोगों की मांग
मोहल्लेवासियों का कहना है कि यह मामला गंभीर है और प्रशासन को तुरंत सख्ती से जांच करनी चाहिए। खासकर डीके हॉस्पिटल में नाबालिग की डिलीवरी कैसे हुई और लड़की की असली पहचान क्या है, इसका खुलासा होना जरूरी है। साथ ही इस पूरे प्रकरण में अगर किसी ने पहचान छुपाई है या दस्तावेजों में हेरफेर किया है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।


