निगम में एक बार फिर सफाई कर्मचारियों के भुगतान को लेकर बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। पूर्व महापौर एजाज ढेबर ने एक विशेष सफाई सेल तैयार किया था। इसके लिए एक टोल फ्री नंबर रखा गया। इसमें शहर का कोई भी व्यक्ति सफाई से जुड़ी शिकायतें कर सकता था। महापौर सेल में 100 कर्मचारियों की नियुक्ति की गई। शिकायत आने पर मेयर के निर्देश पर तत्काल सफाई कर्मचारी पहुंचकर शिकायत का निराकरण करते थे।
पूर्व महापौर के कार्यकाल के आखिरी दिनों में ही सेल हांफने लगा था। यह सेल अब बंद हो गया है। शिकायतों को सुनने वाला भी कोई नहीं है। लेकिन उस समय महापौर सेल के नाम पर 100 कर्मचारियों को प्लेसमेंट पर रखा गया था, वे आज भी काम कर रहे हैं और हर महीने उनका भुगतान किया जा रहा है।
लेकिन ये कर्मचारी कब और कहां काम कर रहे हैं निगम के पास इसका हिसाब ही नहीं। इतना ही नहीं निगम मुख्यालय में सेंट्रल गैंग के लिए 50 और वीआईपी ड्यूटी के लिए 80 सफाई कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इनकी ड्यूटी कहां लगाई जा रही है, वे क्या-क्या कर रहे हैं, इसका भी कोई हिसाब नहीं, लेकिन हर महीने करीब 25 लाख रुपए का भुगतान इन्हें किया जा रहा है।
- 100 कर्मचारी महापौर सेल में, 80 वीआईपी ड्यूटी और 50 सेंट्रल गैंग में काम कर रहे
- इन सभी के लिए हर महीने 25 लाख रुपए का हो रहा भुगतान, सफाई करवा रहे ठेकेदारों से
- कई साल से एक ही ठेकेदार के पास है सफाई ठेका, न उसे बदला, न कभी जांच कराई
हेल्पलाइन नंबर को ही मदद की जरूरत
वार्डों की शिकायतों को दूर करने के लिए पूर्व महापौर एजाज ढेबर ने महापौर सेल का गठन किया था। इसके लिए स्वच्छता हेल्पलाइन नंबर 9301953294 भी जारी किया गया था। इसमें कोई भी व्यक्ति शिकायतें कर सकता था। शिकायतों की बाकायदा ऑनलाइन एंट्री होती थी। रिकार्ड रखे जाते थे।
यह सेल अब बंद हो गया है। लेकिन बताया जा रहा है कि सेल के 100 कर्मचारी अभी भी काम कर रहे हैं। इसी तरह सेंट्रल गैंग और वीआईपी ड्यूटी के लिए भी अलग कर्मचारी रखे गए हैं। निगम मुख्यालय से संचालित तीनों ही गैंग का ठेका चौरसिया कालोनी के सफाई ठेकेदार कार्तिकेश्वर साहू के पास है।
निष्ठा एप 15 दिन से बंद, कौन आ रहा पता नहीं
सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति लगाने वाला नगर निगम का निष्ठा एप पिछले 15 दिनों से बंद है। बताया जा रहा है कि निष्ठा एप का भुगतान नहीं होने के कारण संचालक ने एप को बंद कर दिया है। इस वजह से निगम मुख्यालय और किसी भी वार्ड में सफाई कर्मचारियों की बायोमेट्रिक हाजिरी नहीं हो पा रही है।
इससे कई जोनों के वार्डों में सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति कम हो गई है। जोन-6 के वार्ड-61 में शुक्रवार को महज 8 कर्मचारियों की उपस्थिति बताई जा रही है, जबकि यहां 38 कर्मचारी तय हैं। इसी तरह वार्ड 58, 59, 60, 62, 63 और 65 में भी कम उपस्थिति रही। सफाई व्यवस्था से जुड़े लोगों का कहना है कि निष्ठा एप बंद होने के कारण शहर के सभी वार्डों में सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति पर कोई कंट्रोल नहीं है।
जहां भी कर्मचारी मिल रहे कम, वहां कर रहे कार्रवाई
महापौर सेल पहले ही बंद हो चुका है। उसके सफाई कर्मचारियों का उपयोग शहर में कर रहे हैं। मुख्य सड़कों, सीमाओं वाले इलाकों में सफाई कर्मचारियों से काम ले रहे हैं। किसी भी वार्ड में कर्मचारियों की कमी पर जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। – मीनल चौबे, महापौर रायपुर


