कोरबा – इस शहर के हृदय स्थल और नगर के प्रमुख चौराहे की स्थिति हाल बेहाल ज्ञात हो की पुराना कोरबा गीतांजलि भवन से लेकर यहाँ की पुरानी इतवारी बाजार की दुखद पूर्ण दुर्दशा की जिम्मेदार है कोरबा नगर निगम सरकार चाहे शासन जिसकी भी रही हो यह बात कौन नहीं जानता इस शहर की संपूर्ण व्यवस्था को सुव्यवस्थित करना कोरबा नगर पालिक निगम कि अहम जिम्मेदारी है

लेकिन ठीक इसके विपरीत इस शहर में गंदगी की आलम है दूसरी तरफ यहां पर कहीं भी किसी जगह अपने मनचाहे रूप से लोग जिसकी लाठी उसकी भैंस के तर्ज पर निगम द्वारा निर्मित दुकान,मकान , भवन की तोड़फोड़ कर रहे हैं

और उसके साथ ही कहीं भी अवैध कब्जा करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं और यहां के निगम शासन प्रशासन मुख्य दर्शक बनकर तमाशा देख रही है

उसके पीछे के स्वार्थ को निगम प्रशासन के बारे में सभी लोग बहुत अच्छे से जानते हैं जिसका विस्तार बताने की जरूरत कुछ नहीं है

दुकानो की तोडफोड अनिगम क्षेत्र के अंतर्गत मनमानी रूप से बैजा कब्ज़ा करने के लिए कोई कानून कायदा ना कोई नीति धर्म यहां तो सिर्फ होना चाहिए निगम प्रशासन के मुताबिक आपकी जेब गर्म जिसके दुष्परिणाम स्वरूप तत्कालीन साडा प्रशासन काल से लेकर आज की निगम प्रशासन में जो बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए वह सभी कुछ

अकल्पनिक रूप से हो रही है जो आपकी आंखों के सामने हैं आप सभी जानते हैं की कोरबा के हृदय स्थल पुरानी बस स्टैंड में तीन मंजिला गीतांजलि से परक्षि लेकर नीचे में दुकानों की तोड़फोड़ कर दो से तीन दुकान को एक दुकान बना कर बडे पैनामे पर अपनी दुकान संचालक कर रहे हैं जो पूरी तरह गलत है

इन दुकानों से लगी बरांदा ग्राहकों की आने जाने के लिए सुविधा युक्त रास्ता बनाया गया था वह रास्ता दुकान दार अपने व्यावसायिक कारोबार के लिए अपने पाले मे लेकर उसे आम रास्ते को बंद कर दिया गया है जो नहीं किया जा सकता ठीक इसी तरह इस जिले की सबसे पुरानी इतवारी बाजार गंदगी की आलम इस कदर छाया हुआ है

की स्वस्थ सुंदर आदमी को भी गंदगी से संक्रमित होकर बीमार पडने के लिए या बे मौत मरने करने के लिए मजबूर कर रहा है गीतांजलि भवन की तर्ज पर यहां भी दुकानदारों के द्वारा दुकान के बरामदे को पीछे की दीवाल को तोड़कर बरामदे के सामने अवैध निमार्ण कर शटर लगाया गया है

नगर निगम द्वारा निर्धारित नक्शे के विपरीत दुकान निर्माण करने के कारण इतवारी बाजार की आम रास्ता पूरी तरह बाधित हो रही है

इससे भी दुखदपूर्ण बात तो यह है की निगम द्वारा निर्मित इतवारी बाजार की दुकानों में मांस की कारोबार चल रहा है

जो निगम में प्रदाश्त सफाई अधिकारी संजय तिवारी के बिना सहमति के मांस बाजार संचारित हो ही नहीं सकता कि मांस बाजार के बदबू से आम राहगीरी पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं जबकि इतवारी बाजार के मुख्य स्थल में चित्र मनोरंजन छवि गृह संचालित होता है के साथ ही गायत्री विद्या मंदिर और स्वामी दयानंद इन दोनों स्कूलों में छोटे-छोटे हजारों की तादाद में नाबालिक बच्चे अध्यनरत है वह भी इससे प्रभावित है लेकिन कोरबा नगर निगम आयुक्त के नेतृत्व में विशेष रूप से चल रही सफाई अभियान के तरफ इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई कर इस इस बाजार को गंदगी मुक्त करने की दिशा में नहीं जाता ही नही ध्यान इसी का नाम है कोरबा नगर निगम की विशेष सफाई अभियान जिसको मिला है रिश्वतखोरी की वरदान

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