कन्हैया सोनी की बहादुरी और चौकी मानिकपुर प्रभारी परमेश्वर राठौर की सक्रियता लाई रंग, देर रात तक खुलने वाली संदिग्ध दुकान अब समय पर हो रही बंद, मोहल्ले में लौट रहा अमन और विश्वास।
कोरबा। मुड़ापार मुस्लिम बस्ती में पिछले कई दिनों से असामाजिक तत्वों की गतिविधियों और दहशत के कारण लोग भय के साए में जी रहे थे। क्षेत्र में हथियार लहराने, लोगों को डराने-धमकाने और देर रात तक संदिग्ध गतिविधियों का माहौल बना हुआ था। लेकिन एक साहसी पत्रकार की पहल और पुलिस की लगातार सख्त कार्रवाई ने अब पूरे इलाके की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी (भा.पु.से.) के निर्देशन में चलाए जा रहे “सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के तहत चौकी मानिकपुर पुलिस लगातार असामाजिक तत्वों पर नजर बनाए हुए थी। इसी दौरान मुड़ापार मुस्लिम बस्ती निवासी प्रेम कुमार साहू (19) हाथ में धारदार कत्ता लेकर लोगों को डरा-धमका रहा था। उसकी हरकतों से पूरे मोहल्ले में दहशत का माहौल बन गया था। पुलिस कई बार उसे पकड़ने पहुंची, लेकिन आरोपी पुलिस वाहन देखकर हर बार भाग निकलता था।
इसी बीच युवा पत्रकार कन्हैया सोनी ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए साहस का परिचय दिया। अपनी जान जोखिम में डालकर उन्होंने आरोपी को कत्ता सहित पकड़ लिया और तत्काल चौकी मानिकपुर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, आरोपी को हिरासत में लिया, हथियार जब्त किया और भारतीय न्याय संहिता एवं आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जिला जेल भेज दिया गया।
इस पूरे घटनाक्रम के सार्वजनिक होने के बाद चौकी मानिकपुर प्रभारी परमेश्वर राठौर ने क्षेत्र में निगरानी और पुलिस पेट्रोलिंग को और प्रभावी बनाया। लगातार गश्त और पुलिस की सक्रिय मौजूदगी का असर अब मुड़ापार मुस्लिम बस्ती में साफ दिखाई देने लगा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पिछले दो दिनों से मोहल्ले में आवारा युवकों का जमावड़ा लगभग समाप्त हो गया है। जिस दुकान पर देर रात तक संदिग्ध गतिविधियां और नशा करने वालों की भीड़ लगी रहती थी तथा जो पहले रात दो से तीन बजे तक खुली रहती थी, वह अब रात लगभग 10 बजे ही बंद हो रही है। इससे क्षेत्र का माहौल पहले की तुलना में काफी शांत और सुरक्षित महसूस किया जा रहा है।
मोहल्ले के लोगों का मानना है कि यदि इसी तरह नियमित पुलिस पेट्रोलिंग और सख्त कार्रवाई जारी रही तो असामाजिक तत्वों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सकेगा। लोगों ने चौकी मानिकपुर पुलिस की सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस की मौजूदगी से आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।
“सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के तहत कोरबा पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सार्वजनिक स्थानों पर हथियार लहराने, दादागिरी करने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के लिए जिले में कोई जगह नहीं है। मुड़ापार मुस्लिम बस्ती में आया यह बदलाव इस बात का उदाहरण है कि जब जिम्मेदार पत्रकारिता, सजग नागरिक और सक्रिय पुलिस एक साथ काम करते हैं, तो किसी भी क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन संभव है। यह बदलाव अब पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।



