कई लोग विभिन्न हादसों में आंख, नाक, कान या अंगुली गंवा देते हैं। ऐसे लोग अंगों के बिना आत्मविश्वास को देते हैं और लोगों से दूरी बना लेते हैं। लेकिन ऐसे लोगों में आत्मविश्वास लौटाने का कार्य शासकीय डेंटल कालेज में किया जा रहा है। यह संस्थान प्रदेश का एकमात्र ऐसा शासकीय केंद्र है, जहां मेडिकल ग्रेड सिलिकान से आर्टिफिशियल अंग बनाए जा रहे हैं।
इन नकली अंगों की मदद से लोग न केवल अपना चेहरा या अंग वापस पा रहे हैं बल्कि खोया हुआ आत्मविश्वास भी लौट रहा है। कॉलेज के प्रोस्थोडांटिस्ट विभाग में प्रतिवर्ष 50 से अधिक मरीजों को यह सुविधा मिल रही है। यहां इंदौर के साथ ही प्रदेशभर के मरीज आर्टिफिशियल अंग के लिए आ रहे हैं। इन अंगों का मरीज उपयोग तो नहीं कर सकता है, लेकिन यह बिल्कुल असली की तरह की दिखते हैं।


