मुख्य सचिव से शिकायत कर दीपक धामोचा ने मांगी न्यायोचित कार्रवाई, कहा—पद का दुरुपयोग कर किया जा रहा प्रताड़ित
कोरबा। नगर निगम कोरबा के आयुक्त आशुतोष पाण्डेय के खिलाफ व्यापारी दीपक धामोचा ने गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन सहित पुलिस एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई शिकायत में व्यापारी ने आरोप लगाया है कि उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है और उसके खिलाफ पुलिस एवं नगर निगम की कार्रवाई का दबाव बनाया जा रहा है।
शिकायत के अनुसार, 30 जुलाई 2026 को स्टेशन रोड स्थित व्यापारी की दुकान पर नगर निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा पहुंचकर दुकान के सामने पड़े कचरे को हटाने का दबाव बनाया गया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि बात नहीं मानने पर दुकान सील करने और जुर्माना लगाने की कार्रवाई की धमकी दी गई। बाद में दुकान को सील किए जाने तथा लगभग सात दिन बाद उसे खुलवाए जाने का भी शिकायत में उल्लेख है।
दीपक धामोचा ने आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ 30 जुलाई की घटना को लेकर 31 जुलाई को एफआईआर दर्ज कराई गई, जबकि वे जमानत पर हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि इसके बावजूद उन्हें दोबारा पुलिस कार्रवाई के जरिए प्रताड़ित करने और जेल भेजने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस पर भी कार्रवाई के प्रयास का आरोप
शिकायत में कोतवाली थाना प्रभारी प्रमोद डुडसेना पर फोन पर धमकी देने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने कथित बातचीत की वॉइस रिकॉर्डिंग का भी उल्लेख किया है। साथ ही आयुक्त द्वारा धमकाए जाने से संबंधित वीडियो रिकॉर्डिंग होने की बात भी शिकायत में कही गई है।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि उसके परिवार के सदस्यों को नगर निगम के भवन अधिकारी के माध्यम से नोटिस भेजे जा रहे हैं। उसका कहना है कि इन कार्रवाइयों के कारण वह मानसिक एवं सामाजिक रूप से परेशान है तथा उसे अपने व्यापारिक सम्मान को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
कार को टक्कर मारने का भी दावा
शिकायत में 16 अगस्त 2026 की एक घटना का भी उल्लेख है। व्यापारी के अनुसार, जब वह अपने परिवार से मिलने कोरबा गया था, तब पुलिस द्वारा उसे पकड़ने का प्रयास किया गया और एक वाहन से उसकी कार को टक्कर मारी गई। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि उसकी कार में दो-तीन स्थानों पर क्षति हुई है।
मुख्य सचिव समेत वरिष्ठ अधिकारियों से जांच की मांग
दीपक धामोचा ने अपनी शिकायत में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उन्हें कथित प्रताड़ना से बचाने की मांग की है। शिकायत की प्रतिलिपि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, बिलासपुर संभाग के आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक रायपुर, कलेक्टर कोरबा, पुलिस अधीक्षक कोरबा तथा चैंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों सहित कई अधिकारियों को भेजे जाने का उल्लेख है।







