कोरबा में शुरू हुआ मामला पहले-पहल एक साधारण “पैसा दोगुना करने वाले तांत्रिक” के झांसे जैसा लग रहा था। लेकिन जैसे-जैसे सच्चाई परत दर परत खुलती गई, पूरा घटनाक्रम किसी डरावनी क्राइम थ्रिलर से कम नहीं निकला। आरोपी ने तीनों पीड़ितों को भरोसा दिलाया कि एक खास तांत्रिक क्रिया से उनकी रकम रातों-रात करोड़ों में बदल जाएगी—और यही विश्वास उनकी मौत की वजह बन गया।
जब पुलिस ने शवों को देखा, तो खुद अधिकारी भी स्तब्ध रह गए। तीनों के मुंह में नींबू ठूंसा गया था, गले में नारियल अटका था और रस्सी से कसकर बांधकर उन्हें ‘तंत्र-क्रिया’ की मुद्रा में बैठाया गया था। आरोपी का दावा था—“बस थोड़ा इंतजार… क्रिया पूरी होते ही नोट बरसेंगे।”
लेकिन नोट तो नहीं बर्से—दम घुटने से तीनों की जान चली गई।
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को साफ दिखने लगा कि यह कोई आध्यात्मिक क्रिया नहीं, बल्कि प्लान्ड ट्रिपल मर्डर था। तंत्र-मंत्र का चोला ओढ़कर अपराध को छिपाने की कोशिश की गई थी। सबूत बताते हैं कि आरोपी लंबे समय से ऐसे झांसे का उस्ताद था और धोखे का यह खेल एक स्थापित पैटर्न का हिस्सा था।
अब तक 5 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और शक है कि यह कोई अकेला तांत्रिक नहीं, बल्कि पूरा गैंग है—जो तंत्र-मंत्र को ‘कवच’ बनाकर लोगों को पहले लूटता, फिर मार डालता था। प्रारम्भिक जांच में यह भी सामने आया है कि पीड़ितों को हिप्नोटाइज जैसा माहौल देकर करोड़पति बनने का भ्रम पैदा किया जाता था।
तीनों मृतकों के परिवार सदमे में हैं—समझ नहीं पा रहे कि उनके अपने अंधविश्वास के इस जाल में कैसे फंस गए। पुलिस का कहना है कि पूरे गिरोह की परतें जल्द ही खुलेंगी और इस नकली तांत्रिक इंडस्ट्री का काला सच सामने आ जाएगा।


