रायपुर। अग्रवाल समाज से जुड़ा एक बड़ा विवाद सामने आया है, जिसने देशभर के समाजजनों में हलचल मचा दी है। संगठन के वर्तमान अध्यक्ष पर सैकड़ों किलो चांदी, करोड़ों रुपए और अरबों की जमीन के गबन जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

📌 देशभर में फैला संगठन, गंभीर आरोपों से घिरा

जानकारी के अनुसार, हरियाणा से संचालित इस संगठन से छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, असम, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, पंजाब और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों के व्यापारी और समाजसेवी जुड़े हुए हैं। आरोप है कि संगठन की आड़ में बड़े स्तर पर आर्थिक अनियमितताएं की गईं।

🔍 रायपुर के सदस्य का बड़ा खुलासा

रायपुर निवासी और संगठन के आजीवन सदस्य ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उनके मुताबिक:
वर्ष 2010 में सदस्य बने गोपाल शरण गर्ग वर्ष 2016 में अध्यक्ष निर्वाचित हुए
नियमों के अनुसार 6 साल का कार्यकाल 2022 में समाप्त होना था
लेकिन 2024 में कथित रूप से अवैध बैठक कर कार्यकाल बढ़ा लिया गया
उन्होंने आरोप लगाया कि बिना आमसभा और पारदर्शी प्रक्रिया के चुनाव घोषित किए गए, जबकि मतदाताओं और चुनाव अधिकारी की जानकारी तक सार्वजनिक नहीं की गई।
⚠️ रिश्तेदारों को पद, नियमों में बदलाव
आरोप है कि अध्यक्ष ने अपने करीबी रिश्तेदारों को पदाधिकारी बनाकर संगठन की नियमावली में मनमाने बदलाव किए और पूरी व्यवस्था को नियंत्रित कर लिया।
💰 दान और चांदी का हिसाब गायब
मामले में सबसे गंभीर आरोप आर्थिक गड़बड़ी को लेकर हैं:
हरियाणा के अग्रोहा में महालक्ष्मी मंदिर निर्माण के नाम पर लाखों रुपए का चंदा जुटाया गया
कई लोगों ने 5 लाख से 11 लाख रुपए तक दान दिए
लेकिन यह राशि आधिकारिक खातों में दर्ज नहीं मिली
इसके अलावा:
करीब 200 किलो से अधिक चांदी दान में ली गई
चांदी का कोई स्पष्ट हिसाब नहीं मिला
आरोप है कि चांदी बेचकर हवाला के जरिए लेनदेन किया गया
असम इकाई से जुड़ी एक रसीद में 75 लाख रुपए के हवाला ट्रांजैक्शन का भी जिक्र सामने आया है।
🔥 दस्तावेज जलाने और प्रभाव जमाने के आरोप
शिकायतकर्ता के अनुसार:
दान से जुड़े दस्तावेजों को नष्ट किया गया
अध्यक्ष ने खुद को पद पर बनाए रखकर समाज और कुछ सरकारी लोगों को भ्रमित किया
अपने प्रभाव का उपयोग कर जवाबदेही से बचने की कोशिश की गई
🧾 जांच की मांग तेज
इन गंभीर आरोपों के बाद समाज के भीतर निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। मामला न केवल आर्थिक अनियमितताओं का है, बल्कि संगठन की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर भी बड़े सवाल खड़े करता है।
👉 अब सबकी नजर इस बात पर है कि आरोपों पर संबंधित पक्ष क्या सफाई देता है और जांच एजेंसियां क्या कार्रवाई करती हैं।

Share.

About Us

हमारी यह समाचार पोर्टल वेबसाइट नवीनतम ख़बरों, विस्तृत विश्लेषण और सामयिक घटनाओं की सटीक जानकारी प्रदान करती है। कन्हैया सोनी द्वारा स्थापित और संपादित, हम निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचारों के प्रति समर्पित हैं।

Contact Us

 Editor: कन्हैया सोनी

Contact No.: +91 89596 82168
Email : kaniyason2521@gmail.com

Follow For More

© 2025 Soni Narad Muni News. All Rights Reserved. Developed by Nimble Technology

Exit mobile version