रायपुर के धरसींवा क्षेत्र में जमीन के बड़े खेल का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि जमीन कारोबारी बसंत अग्रवाल ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर अवैध प्लॉटिंग कर उसे बेचने का पूरा नेटवर्क खड़ा कर दिया।
ग्रामीणों की शिकायत के बाद जब तहसीलदार स्तर पर जांच हुई तो कई खसरा नंबरों की जमीन पर अवैध कब्जा और प्लॉटिंग की पुष्टि हुई। रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि चारागाह, निस्तारी और जल क्षेत्र जैसी संवेदनशील शासकीय भूमि पर भी मुरुम सड़क बनाकर कब्जा किया गया।
जांच में खसरा नंबर 511/5, 630, 634, 636, 638 और 644 सहित कई जमीनों पर अतिक्रमण मिला। करीब 6.39 हेक्टेयर सरकारी जमीन में से लगभग 4.51 हेक्टेयर हिस्से पर कब्जा कर प्लॉट काटे गए। इतना ही नहीं, कुछ जगहों पर बाउंड्रीवाल खड़ी कर जमीन को पूरी तरह घेरने की भी कोशिश की गई।
एसडीएम नंदकुमार चौबे ने साफ कहा है कि अतिक्रमण हटाने के लिए तहसीलदार को कई बार निर्देश दिए जा चुके हैं और अब कार्रवाई में ढिलाई बरतने वालों पर भी गाज गिर सकती है।
प्रशासन ने दो टूक चेतावनी दी है कि सरकारी जमीन पर कब्जा और अवैध प्लॉटिंग किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब देखना होगा कि इस बड़े जमीन घोटाले में किन-किन पर कार्रवाई की तलवार चलती है। 🔥



