भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन और यात्रा से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिसका सीधा असर यात्रियों की जेब और योजना दोनों पर पड़ेगा। नए नियम के अनुसार अब अगर कोई यात्री अपनी कन्फर्म टिकट ट्रेन छूटने से 8 घंटे से कम समय पहले कैंसिल करता है, तो उसे कोई रिफंड नहीं मिलेगा।
पहले यह सीमा 4 घंटे थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 8 घंटे कर दिया गया है। यानी अब यात्रियों को अंतिम समय तक टिकट पकड़कर रखने की आदत छोड़नी होगी और अपनी यात्रा का निर्णय पहले ही लेना होगा।
रेलवे ने इसी के साथ चार्ट तैयार करने का समय भी बढ़ाकर 4 घंटे से 8 घंटे पहले कर दिया है, जिससे सीटों का बेहतर प्रबंधन किया जा सके।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह बदलाव रेलवे में पारदर्शिता बढ़ाने और खाली सीटों के सही उपयोग के लिए किया गया है। इससे वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना भी बढ़ेगी।
यह नए नियम 1 से 15 अप्रैल के बीच चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाएंगे।
इस फैसले से टिकटों की कालाबाजारी पर भी रोक लगेगी, क्योंकि पहले एजेंट बड़ी संख्या में टिकट बुक कर आखिरी समय में कैंसिल कर देते थे। अब ऐसा करने पर उन्हें नुकसान उठाना पड़ेगा।
कुल मिलाकर अब रिफंड पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि टिकट कब कैंसिल किया गया है, इसलिए यात्रियों को पहले से प्लानिंग करना बेहद जरूरी हो गया है।



