अमीर खसरू महमूद ने शेख हसीना को भारत द्वारा शरण देने पर कहा कि भारत में रहने का शेख हसीना का फैसला पूरी तरह से उनका और भारतीय अधिकारियों का है लेकिन हम उन्हें आगाह कर रहे है कि बांग्लादेश के लोग इसे अच्छे नजरिए से नहीं देखेंगे।

 

बांग्लादेश में हुए तख्तापलट से पूरी दुनिया स्तबध है। बांग्लादेश हिंसा का भयावह रूप लेते ही बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने देश छोड़ दिया और अभी शेख हसीने भारत में है, जिसको लेकर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता अमीर खसरू महमूद चौधरी की बौखलाहट देखने को मिली। जहां उन्होने शेख हसीने के भारत में रहने को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि भारत में रहने का शेख हसीना का फैसला पूरी तरह से उनका और भारतीय अधिकारियों का है लेकिन हम उन्हें आगाह कर रहे है कि बांग्लादेश के लोग इसे अच्छे नजरिए से नहीं देखेंगे।

 

 

बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना के बांग्लादेश छोड़ने के बाद बांग्लादेश की स्थिति असमान्य हो गई, वहां प्रदर्शनकारियों ने कोहराम मचा दिया। सैकड़ों लोगों की मौत हो गई, कई जगहों पर अगजनी जैसी चिजें देखने को मिली। इन सबके बीच अब देखने वाली बात ये है कि बीएनपी नेता अमीर खसरू के इस बयान पर भारत सरकार किस प्रकार की प्रतिक्रिया देती है।

खसरू ने किया आगाह

बांग्लादेशी पूर्व पीएम के भारत में रहने को लेकर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी नेता और पार्टी प्रवक्ता अमीर खसरू महमूद चौधरी ने कहा कि फिलहाल हसीना हत्याओं और जबरन गायब किए जाने से लेकर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार तक के कई अपराधों के लिए बांग्लादेश में सबसे वांछित हैं। हसीना और भारत सरकार का फैसला है कि उन्हें पड़ोसी देश में रहना चाहिए या नहीं। इस मुद्दे पर बीएनपी का कोई अधिकार नहीं है।

इसके साथ ही अमीर खसरू ने शेख हसीना के भारत में रहने को लेकर बांग्लादेशी लोगों की सोंच के बारे में बतातें हुए कहा कि, बांग्लादेश के लोगों को लगता है कि भारतीय अधिकारियों को उनकी भावनाओं को ध्यान में रखना चाहिए। बांग्लादेश में हसीना के भारत में रहने को अच्छी नज़र से नहीं देखेंगे।

बांग्लादेश की नाराजगी पर एक नजर

चलिए अब आपको बांग्लादेश की जनता हो या वहां के नेता, आखिर उनके अंदर अभी भारत को लेकर नाराजगी क्यों चल रही है। बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना का इस्तीफा देने के बाद भारत में शरण पर बांग्लादेश में लोगों के अंदर नाराजगी देखने को मिल रही है। जिसके बारे में जानकारी देते हुए बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने आगे कहा कि भारत-बांग्लादेश द्विपक्षीय संबंध अवामी लीग पर निर्भर नहीं हैं और भारत द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को शरण दिए जाने पर बांग्लादेश में प्रतिकूल प्रतिक्रिया स्वाभाविक है।

 

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