राज्य सरकार द्वारा बनाए गए छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग ने अपना सर्वे का काम यानी ओबीसी की गिनती का काम पूरा कर लिया है। आयोग ने अनंतिम आंकड़ों की रिपोर्ट तैयार कर ली है। उसे इसी महीने प्रदेश सरकार को सौंप दिया जाएगा। इसके पहले आयोग ने ओबीसी वर्ग के लोगों को एक मौका और दिया है। उसने ऐसे लोगों से जिन्होंने अपने परिवार की जानकारी नहीं दी है उन्हें 8 अक्टूबर तक अपनी जानकारी जमा करने को कहा है

अब नवंबर -दिसंबर में प्रस्तावित नगरीय निकाय और जनवरी में संभावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के आरक्षण का रास्ता साफ हो जाएगा। ओबीसी आयोग ने स्थानीय निकायों और पंचायतों से से ओबीसी की जानकारी एकत्र कर ली है। आयोग ने दावा किया है कि पूरे प्रदेश से सभी जिलों से उसे आंकड़े मिल गए हैं।

केवल इन्हें वेरिफाई किया जा रहा है। सरकार को जो जरूरी जानकारी चाहिए वह जल्द सौंप दी जाएगी। आंकड़ों को साफ्टवेयर पर अपलोड किया जा रहा है। इसके लिए अलग से साफ्टवेयर तैयार किया गया था। नया फैसला – आयोग ने फैसला किया है कि जिले में यदि किसी पिछड़े वर्ग या परिवार का नाम छूट गया है तो ऐसे व्यक्ति या परिवार 8 अक्टूबर तक अपने संबंधित नगरीय निकाय या ग्राम पंचायत अथवा जनपद पंचायत के अधिसूचित नोडल अधिकारी से संपर्क करके 54 कालम का फॉर्म प्राप्त करें। इसमें व्यक्तिगत जानकारी भरकर जमा करें।

जिला प्रशासन ऐसे छूटे हुए परिवारों के आंकड़ों को सम्मिलित कर प्रविष्टि 10 अक्टूबर तक वेबसाइट पर अपलोड करेंगे। इसके बाद ही ओबीसी के आंकड़ों को अंतिम माना जाएगा। 10 अक्टूबर के बाद मिली जानकारी के लिए आयोग उत्तरदायी नहीं होगा।

गिनती के बाद अब यह अध्ययन करेगा आयोग

  • सरकारी विभागों की संरचना एवं योजनाओं में ओबीसी की वर्तमान भागीदारी का अध्ययन।
  • शैक्षणिक संस्थाओं में ओबीसी को मिल रहा लाभ
  • ओबीसी युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों का आंकलन व वृद्धि के उपाय।
  • युवाओं के कौशल उन्नयन कार्यक्रमों तथा प्रशिक्षण की वर्तमान स्थिति
  • ओबीसी के सामािजक, शैक्षणिक, तथा आर्थिक कल्याण के लिए उपाय तथा अनुशंसाएं
  • पंचायतों व निकायों में ओबीसी को प्रतिनिधित्व के लिए आरक्षण
  • ओबीसी के सामाजिक, शैक्षणिक तथा आर्थिक कल्याण हेतु उपाय व अनुशंसाएं

आंकड़े सामने आने के बाद भी सुझाव में लगेगा वक्त

आयोग का मानना है कि आंकड़ों के अलावा कुछ और मुद्दों पर काम कर रहा है। इसमें ओबीसी के उत्थान को लेकर सामाजिक, आर्थिक व शैक्षणिक स्थिति को लेकर सरकार को सुझाव व अनुशंसाएं देना भी शामिल है। आयोग का गठन 16 जुलाई को किया गया था। आयोग के अध्यक्ष पूर्व आईएएस आरएस विश्वकर्मा को बनाया गया था।

उनके साथ सदस्य आयोग ने 12 अगस्त से काम करना प्रारंभ कर दिया था। आयोग ने पिछड़े वर्ग समुदाय के परिवार व सदस्यों के संबंध में सर्वे के निर्देश दिए थे। कलेक्टरों को आयोग ने 16 अगस्त को पत्र भेजा था जिसमें एक तय फार्मेट में 54 कालम में जानकारी मांगी गई थी। इसके लिए कलेक्टरों से एक महीने में जानकारी भेजने को कहा गया था।

ओबीसी के अनंतिम आंकड़े जिलों से प्राप्त हो गए हैं। छूटे लोगों को 8 अक्टूबर तक मौका दिया जा रहा है। इसी महीने सरकार को रिपोर्ट सौंप दिए जाने की संभावना है। – आरएस विश्वकर्मा, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग

 

Share.

About Us

हमारी यह समाचार पोर्टल वेबसाइट नवीनतम ख़बरों, विस्तृत विश्लेषण और सामयिक घटनाओं की सटीक जानकारी प्रदान करती है। कन्हैया सोनी द्वारा स्थापित और संपादित, हम निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचारों के प्रति समर्पित हैं।

Contact Us

👤 Editor: कन्हैया सोनी

📞 Contact No.: +91 89596 82168
📧 Email ID: kaniyason2521@gmail.com

© 2025 Soni Narad Muni News. All Rights Reserved. Developed by Nimble Technology

Exit mobile version